उत्तराखंड

जल जीवन मिशन की लंबित योजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता से पूरा करें: डीएम

पूर्ण योजनाओं का थर्ड पार्टी निरीक्षण कराकर शीघ्र करें वित्तीय समापन, ‘हर घर जल’ प्रमाणन में तेजी के निर्देश
देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मंगलवार को जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी पेयजल योजनाओं का थर्ड पार्टी निरीक्षण टीपीआई कराते हुए वित्तीय समापन की कार्रवाई समयबद्ध रूप से पूरी की जाए। साथ ही लंबित परियोजनाओं के शेष कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन के द्वितीय चरण की लंबित परियोजनाओं में तेजी लाते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा किया जाए। पूर्ण हो चुकी योजनाओं का टीपीआई शीघ्र कराने के साथ ही संबंधित गांवों में ‘हर घर जल’ प्रमाणन की प्रक्रिया भी समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप परियोजनाओं की प्रगति सुनिश्चित की जाए, ताकि योजनाओं के लिए आवश्यक केंद्रीय धनराशि समय पर प्राप्त हो सके।
बैठक में जल जीवन मिशन के नोडल अधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 1,29,491 ग्रामीण परिवारों में से 1,29,449 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। मिशन के प्रथम चरण की सभी 333 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। वहीं द्वितीय चरण की कुल 760 योजनाओं में से 737 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 23 योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। इनमें तीन योजनाएं वन भूमि संबंधी स्वीकृतियां लंबित होने के कारण प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि जनपद के कुल 635 गांवों में से 586 गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणन प्राप्त हो चुका है, जबकि शेष 49 गांवों में प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी की जानी है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की गुणवत्ता एवं प्रगति की नियमित निगरानी करते हुए शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधर पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना जल जीवन मिशन का प्रमुख उद्देश्य है और इसमें किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।

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