जौनसार-बावर क्षेत्र में इस वर्ष बारिश और बर्फबारी न होने के कारण भीषण सूखे की स्थिति बन गई है। लगातार पड़ रहे सूखे का सीधा असर किसानों की फसलों और बागवानी पर देखने को मिल रहा है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

इसी क्रम में चकराता तहसील के ग्राम अष्टाड़ निवासी किसान ब्रह्मदत्त जोशी के सेब के बगीचे में आग लगने की घटना सामने आई है। आग लगने से बगीचे में लगे सैकड़ों सेब के पेड़ जलकर खाक हो गए। घटना की सूचना मिलने पर पटवारी अंकित पाल मौके पर पहुंचे और बगीचे का निरीक्षण किया।
पटवारी अंकित पाल ने बताया कि बगीचे में कुल 850 सेब के पेड़ लगे हुए थे, जिनमें से लगभग 300 सेब के पेड़ आग की चपेट में आकर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। आग लगने के कारण किसान को भारी नुकसान हुआ है।

पीड़ित किसान ब्रह्मदत्त जोशी ने बताया कि सूखे की मार पहले से ही किसानों को झेलनी पड़ रही है, ऊपर से इस आगजनी की घटना ने उनकी आजीविका पर संकट खड़ा कर दिया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि हुए नुकसान की कुछ हद तक भरपाई हो सके।
क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही सूखे की स्थिति को लेकर राहत और मुआवजे की व्यवस्था नहीं की गई, तो जौनसार-बावर के किसानों की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।



