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- ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना को लेकर एक बड़ी प्रगति सामने आई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पांच रेलवे स्टेशनों के वित्तीय टेंडर खोल दिए गए हैं। इनमें कर्णप्रयाग रेलवे स्टेशन भी शामिल है, जिसे परियोजना का सबसे बड़ा स्टेशन बनाया जाएगा। इसके साथ ही अब परियोजना से जुड़े सभी 13 स्टेशनों की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
- रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित कंपनियों को तीन माह के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने का समय दिया गया है।
सामरिक दृष्टि से अहम परियोजना
- ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल लाइन सामरिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस रेल रूट पर कुल 13 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें से बीरभद्र और योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन बनकर तैयार हो चुके हैं और यहां से ट्रेन संचालन शुरू हो चुका है। वहीं शिवपुरी और ब्यासी रेलवे स्टेशन पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
पैकेज दो और चार के टेंडर खुले
- परियोजना के पैकेज दो के अंतर्गत आने वाले देवप्रयाग, जनासू, मलेथा और श्रीनगर (चौरास) रेलवे स्टेशनों के वित्तीय टेंडर भी अब खोल दिए गए हैं। इन स्टेशनों के तकनीकी टेंडर पहले ही स्वीकृत हो चुके थे।
- वहीं पैकेज चार में शामिल कर्णप्रयाग रेलवे स्टेशन इस परियोजना का सबसे बड़ा स्टेशन होगा। इसे टर्मिनस स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां 26 रेल लाइनें बिछाई जाएंगी। कर्णप्रयाग स्टेशन का तकनीकी टेंडर 20 नवंबर को खोला गया था और अब इसका वित्तीय टेंडर भी पूरा हो गया है।
पैकेज तीन पर पहले से काम जारी
- पैकेज तीन के अंतर्गत आने वाले धारी देवी, तिलनी, घोलतीर और गौचर रेलवे स्टेशनों के लिए तकनीकी और वित्तीय दोनों टेंडर पहले ही खुल चुके हैं। इन स्टेशनों के निर्माण के लिए सामग्री की आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
- पैकेज दो और चार के अंतर्गत आने वाले स्टेशनों पर अगले तीन महीनों में निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही परियोजना से जुड़े सभी स्टेशनों की प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है—दो स्टेशनों पर संचालन, दो पर निर्माण कार्य, जबकि शेष के टेंडर पूरे हो चुके हैं।
दिसंबर 2028 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट
- रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) ने इस परियोजना को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना: एक नजर
- कुल लागत: ₹16,216 करोड़
- कार्य शुरू: वर्ष 2019
- नई समयसीमा: दिसंबर 2028
- कुल लंबाई: 126 किलोमीटर
- सुरंगों की कुल लंबाई: 105 किमी (17 सुरंगों से होकर)
- सबसे लंबी सुरंग: 14.08 किमी (देवप्रयाग–जनासू)
- सबसे छोटी सुरंग: 200 मीटर (सेवई–कर्णप्रयाग)
- 11 सुरंगों की लंबाई: 6 किमी से अधिक
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