महिला सशक्तिकरण की दिशा में सार्थक पहल : डाकपत्थर महाविद्यालय में विचार गोष्ठी आयोजित
डाकपत्थर स्थित वीर शहीद केसरी चंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में एक प्रेरणादायी विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं की भूमिका, उनके अधिकारों और सशक्तिकरण के महत्व को समझाना तथा युवाओं में जागरूकता पैदा करना था। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. विजय बहुगुणा ने अपने संबोधन में कहा कि महिला और पुरुष समाज रूपी रथ के दो पहिए हैं। यदि दोनों में संतुलन और समानता होगी, तभी समाज और राष्ट्र का समुचित विकास संभव है। उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, राजनीति और अन्य अनेक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। यह बदलते समाज की सकारात्मक तस्वीर है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने युवाओं से महिलाओं के प्रति सम्मान, समानता और सहयोग की भावना को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
गोष्ठी में महाविद्यालय की प्राध्यापिकाओं डॉ. नीलम ध्यानी, डॉ. दीप्ति बगवाड़ी, डॉ. माधुरी रावत, डॉ. सीमा पुंडीर, डॉ. मीनाक्षी राणा तथा पूजा देवी ने भी अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक दिन मनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह समाज की सोच और व्यवहार का स्थायी हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने, शिक्षा के माध्यम से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी.एस. नेगी ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह याद दिलाता है कि समाज में महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर प्रदान करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक संवेदनशीलता और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का संचालन एनएसएस की वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजकुमारी भंडारी चौहान ने किया। इस अवसर पर उपस्थित छात्र-छात्राओं ने महिला सशक्तिकरण के संदेश को समाज तक पहुंचाने और महिलाओं के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया।
इस प्रकार डाकपत्थर महाविद्यालय में आयोजित यह विचार गोष्ठी न केवल महिला दिवस के महत्व को रेखांकित करती है, बल्कि युवाओं को समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बनने के लिए भी प्रेरित करती है





