Skip to content
- नैनीताल में बुधवार को भी मौसम का मिजाज बदला-बदला नजर आया। सुबह शहर में बारिश और ओलावृष्टि हुई, जबकि नैनीताल से सटे पंगोट क्षेत्र में बर्फबारी दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव से पहाड़ी इलाकों में कड़ाके की ठंड बढ़ गई है।
- मंगलवार दोपहर से ही नैनीताल में रिमझिम बारिश का दौर जारी है। पश्चिमी विक्षोभ के दोबारा सक्रिय होने से हिमपात की संभावना बनी हुई है। मौसम के अचानक बदले मिजाज से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को हीटर और अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
- हालांकि, वीकेंड और गणतंत्र दिवस पर उमड़ी पर्यटकों की भारी भीड़ अब धीरे-धीरे छंट गई है। पर्यटन कारोबारियों के अनुसार, बीते वीकेंड के तीन दिनों में 25 हजार से अधिक पर्यटकों ने नैनीताल में प्रवेश किया, जिससे होटल और कारोबार को अच्छी बढ़त मिली।
- मंगलवार सुबह मौसम साफ रहा और धूप खिली हुई थी, लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और हल्की बारिश शुरू हो गई, जो देर शाम तक जारी रही। इसके बाद से शहर में ठंड का असर और तेज हो गया।
- मौसम विभाग देहरादून के राज्य निदेशक डॉ. सी.एस. तोमर के अनुसार, यह दूसरा प्रभावशाली पश्चिमी विक्षोभ है, जिसके चलते ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और कुछ इलाकों में बारिश हो रही है। इस सिस्टम का असर उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और बागेश्वर में अधिक रहेगा, जबकि नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर में इसका प्रभाव आंशिक रहेगा। यह पश्चिमी विक्षोभ बुधवार दोपहर तक सक्रिय रह सकता है। इसके बाद 30 जनवरी से एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर 1 और 2 फरवरी को देखने को मिल सकता है।
- जीआईसी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, नैनीताल में अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं 8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। आर्द्रता अधिकतम 90 प्रतिशत और न्यूनतम 60 प्रतिशत रही।
- इधर, मंगलवार को पर्यटकों की आमद काफी कम रही। वीकेंड और गणतंत्र दिवस पर पहुंचे अधिकांश सैलानी वापस लौट गए हैं। इससे होटल-रेस्टोरेंट और पर्यटन स्थलों में भीड़ कम हो गई है। होटल एसोसिएशन के पीआरओ रुचिर साह के अनुसार, वीकेंड पर हुई बर्फबारी के कारण पर्यटन कारोबार को जरूर बढ़ावा मिला, लेकिन मौसम खराब होने से अब गतिविधियां धीमी पड़ने लगी हैं।
Post Views: 8
error: Content is protected !!