Skip to content
- देहरादून में आज होलिका दहन 2026 को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है। सत्य और धर्म की विजय का प्रतीक यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी देता है। सुबह से ही विभिन्न स्थानों पर पूजा-अर्चना और तैयारियां शुरू हो गईं, जिसके बाद रात में विधि-विधान से होलिका दहन किया जाएगा।
- परंपरा के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा की रात होलिका दहन किया जाता है। देहरादून में प्राचीन पीपलमंडी होली समिति सहित शहर के 100 से अधिक स्थानों पर होलिका सजाई गई है। चौक-चौराहों और गली-मोहल्लों में लोगों ने मिलकर लकड़ियां एकत्र कीं और होलिका को रंगों व सजावट से सजाया।
- इस वर्ष खास बात यह है कि चंद्रग्रहण के कारण रंगोत्सव एक दिन बाद यानी बुधवार को मनाया जाएगा। आमतौर पर होलिका दहन के अगले दिन रंगों का पर्व मनाया जाता है, लेकिन ग्रहण के चलते तिथि में बदलाव हुआ है।
- होलिका दहन का संदेश केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह असत्य पर सत्य की जीत और समाज में सद्भाव का प्रतीक है। प्रशासन ने भी सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं, ताकि लोग शांतिपूर्वक और सुरक्षित तरीके से त्योहार मना सकें।
- देहरादून में आज रात आस्था की अग्नि प्रज्वलित होगी और इसके साथ ही रंगों के महापर्व की शुरुआत का उल्लास पूरे शहर में दिखाई देगा।
Post Views: 6
error: Content is protected !!