देहरादून। उत्तरांचल विश्वविद्यालय के उत्तरांचल इंस्टीटूट ऑफ टेक्नोलॉजी में अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई पर आधारित दो सप्ताह के आईसीटीदृइंफोसिस पफाउंडेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मेरिट के आधर पर चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 65 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के लिए चुना गया है। इनमें 35 छात्राएं और 30 छात्रा शामिल हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 से 24 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ ही उभरती तकनीकों, व्यावहारिक ज्ञान और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को तकनीकी क्षेत्र में रोजगार और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय में एआई प्रशिक्षण प्रयोगशाला का औपचारिक उद्घाटन भी किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. धरम बुद्धि, यूआईटी निदेशक प्रो. डॉ. सुमित चौधरी, अतिथि प्रशिक्षक सिद्धार्थ बार्डे, आईसीटी अकेडमी के एग्जीक्यूटिव आदित्य और फैकल्टी समन्वयक रूशा शामून मौजूद रहे।
अतिथि प्रशिक्षक सिद्धार्थ बार्डे ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण की कार्यप्रणाली और पाठ्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को एआई की अवधारणाओं के साथ उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों से भी परिचित कराया जाएगा।
वहीं, पिछले प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्कृष्ट योगदान के लिए यूआईटी निदेशक प्रो. सुमित चौधरी को उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उम्मीद जताई कि एआई जैसी उभरती तकनीकों में प्रशिक्षण से विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता और उद्योग के लिए उनकी तैयारी को मजबूती मिलेगी।





