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- मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे भारतीय झंडे वाले LPG टैंकरों को सुरक्षित रास्ता दिया गया है। पहले ‘शिवालिक’ नाम का भारतीय एलपीजी टैंकर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को सफलतापूर्वक पार कर चुका है, वहीं अब दूसरा जहाज ‘नंदा देवी’ भी सुरक्षित रूप से इस क्षेत्र से बाहर निकल गया है।
- सरकारी सूत्रों के अनुसार ‘शिवालिक’ जहाज को भारतीय नौसेना की सुरक्षा मिल रही है। यह जहाज अब खुले समुद्र में पहुंच चुका है और उम्मीद है कि अगले दो दिनों में भारत के किसी बंदरगाह, जैसे मुंबई या कांडला, पर पहुंच सकता है।
- इसी बीच ‘नंदा देवी’ टैंकर लगभग 46,000 मीट्रिक टन से अधिक लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है। यह गैस भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला (Energy Supply Chain) के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जानकारी के मुताबिक इन दोनों जहाजों को भारतीय नौसेना के नेवल एसेट्स द्वारा मार्गदर्शन और सुरक्षा प्रदान की जा रही है, ताकि संवेदनशील समुद्री क्षेत्र से सुरक्षित पारगमन सुनिश्चित किया जा सके।
- बताया जा रहा है कि यह सकारात्मक कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों को बनाए रखने को लेकर हुई उच्चस्तरीय बातचीत के बाद संभव हुआ।
- इस बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने भी संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच सहयोग के कारण भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता मिल सका। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के क्षेत्रीय हित कई मामलों में समान हैं और दोनों देश ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक संबंधों को बनाए रखने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
- विशेषज्ञों का मानना है कि LPG से लदे इन जहाजों का सुरक्षित भारत पहुंचना देश की ऊर्जा जरूरतों और आपूर्ति व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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