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- उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर मंगलवार को तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली। इस दौरान पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
- मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण से जुड़े प्रयासों में पहले भी बाधाएं डाली गईं। उन्होंने कहा कि यह कानून महिला सशक्तिकरण, समान राजनीतिक प्रतिनिधित्व और न्यायसंगत भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति के योगदान को याद करते हुए कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं ने सामाजिक आंदोलनों और पर्यावरण संरक्षण में हमेशा अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी दोहराया कि महिलाओं का सम्मान और अधिकार किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे समाज का विषय है।
- वहीं विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया कि इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पर सदन में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 देश में महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी देने का बड़ा अवसर है और सभी दलों को इसका समर्थन करना चाहिए।
- यह बहस केवल राजनीति तक सीमित नहीं, बल्कि महिला अधिकार, समान अवसर और लोकतांत्रिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण मानवाधिकार मुद्दों को भी उजागर करती है, जिन पर समाज और नीति-निर्माताओं को मिलकर काम करने की जरूरत है।
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