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- उत्तराखंड कैबिनेट विस्तार में रुद्रप्रयाग से विधायक भरत सिंह चौधरी को मंत्री बनाए जाने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। एक साधारण परिवार से निकलकर मंत्री बनने तक का उनका सफर संघर्ष, मेहनत और जनसेवा की मिसाल माना जा रहा है। स्थानीय लोग इसे बाबा केदारनाथ की कृपा से जोड़कर देख रहे हैं।
- वर्ष 1959 में जन्मे भरत सिंह चौधरी का जीवन एक सामान्य ग्रामीण परिवार से शुरू हुआ। शुरुआती शिक्षा गांव से प्राप्त करने के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल की और छात्र जीवन से ही राजनीति और सामाजिक कार्यों में सक्रिय हो गए। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जमीनी स्तर से की और धीरे-धीरे जनता के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाई।
- ग्राम प्रधान से लेकर जिला परिषद सदस्य तक का सफर तय करते हुए उन्होंने लगातार जनता के मुद्दों को उठाया। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद उन्होंने रुद्रप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और अपनी पकड़ मजबूत की। वर्ष 2013 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़ने के बाद उनके राजनीतिक जीवन को नई दिशा मिली।
- वर्ष 2017 में उन्होंने पहली बार विधायक बनकर जीत हासिल की और 2022 में इससे भी बड़ी जीत दर्ज कर लगातार दूसरी बार जनता का भरोसा जीता। अब धामी सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल होकर उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
- भरत सिंह चौधरी का यह सफर इस बात का उदाहरण है कि मेहनत, समर्पण और जनता से जुड़ाव के दम पर कोई भी व्यक्ति राजनीति में ऊंचा मुकाम हासिल कर सकता है। उनका मंत्री बनना न केवल रुद्रप्रयाग बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है।
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