विभागों की लापरवाही ने हरे भरे पछवादून क्षेत्र को कंक्रीट के जंगल में बदल दिया है। आलम यह है कि हरे भरे बागानों को तो उजाड़ा ही जा रहा है, साथ कि जंगल क्षेत्र से लगते साल के पेड़ों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
बता दें कि बाढ़वाला क्षेत्र का राजावाला प्रकरण अभी शांत भी नहीं हुआ था कि फिर से एक नये प्रकरण ने विभागों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। सूत्रों की मानें तो यहां एक निजी आम के बाग में बिना अनुमति दर्जनों आम के पेड़ों पर आरियां चलाकर उन्हें ठिकाने लगा दिया गया। इतना ही नहीं इस भू-भाग व उससे लगते जंगल से सटे क्षेत्र में खड़े साल के पेड़ों पर भी आरियां चलाई गई और अपनी कारगुजारी छिपाने के लिए पहाड़ीनुमा इस बागान की भूमि को जेसीबी चलाकर समतल कर दिया गया। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र के आसपास धड़ल्ले से अवैध प्लाटिंग का सिलसिला जारी है, जिसके चलते यहां बचे बाग में भी बाकायदा रास्ते के लिए भी सीमांकन कर दिया गया है।

वहीं दूसरा मामला पुल नंबर एक नवाबगढ़ क्षेत्र का है, जहां करीब तीस बीघा आम के बाग में धड़ल्ले से अवैध प्लाटिंग जारी है, जिसके लिए धीरे धीरे वहां खड़े आम के पेड़ों पर आरियां चलाई जा रही है। उघान विभाग के अनुसार बीते एक माह में यहां अड़तीस आम के पेड़ों के अवैध पातन की पुष्टि हुई है। जबकि सूत्रों की मानें तो यहां अब तक सौ से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं और इस अवैध प्लाटिंग में बाकायदा खंभे गाढ़कर तारबाड़ कर रजिस्ट्री किए जाने का सिलसिला लगातार जारी है।
“भू-माफिया और संबंधित विभागों की सांठगांठ के चलते पर्यावरण को नुक्सान पहुंचाया जा रहा है। जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो मामले को राजावाला प्रकरण के साथ हाईकोर्ट में पीआईएल के साथ जोड़कर संबंधित पर कार्रवाई करवाई जाएगी।”
राकेश उत्तराखंडी, संयोजक रूद्र सेना
“राजावाला और नवाबगढ़ क्षेत्र में अवैध पातन की सूचना मिली थी। जिसमें मौके का निरीक्षण किया गया, जहां रिकार्ड के अनुसार अड़तीस आम के पेड़ों के अवैध पातन की पुष्टि हुई है। उक्त जमीन के भूस्वामित्व की तहसील से जानकारी जुटाई जा रही है। जिसके मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं राजावाला प्रकरण में जांच जारी है, जो भी तथ्य पाएं जाएंगे उसके अनुसार संबंधित भूस्वामी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
तहसीन खान, प्रभारी उघान विभाग विकासनगर





